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नो शॉर्टकट प्लीज़! | Sadhumargi Jain Sahitya | परकष्ट निवारक अनुकम्पा

SADHUMARGI JAIN SAHITYA नो शॉर्टकट प्लीज़! द लीडरशिप टेस्टामेंट अध्याय की विस्तृत व्याख्या 📖 पुस्तक परिचय पुस्तक : नो शॉर्टकट प्लीज़! – द लीडरशिप टेस्टामेंट प्रकाशक : Sadhumargi Publication परकष्ट निवारक अनुकम्पा करुणा, संवेदना और मानवता की जीवनदृष्टि किसी दूसरे के दुःख को केवल देख लेना संवेदना है, लेकिन उसके दुःख को कम करने के लिए अपने स्तर पर कुछ करना — यही अनुकम्पा का वास्तविक रूप है। अनुकम्पा का वास्तविक अर्थ मनुष्य का जीवन केवल अपने सुख और अपनी आवश्यकताओं तक सीमित नहीं है। हमारे आसपास ऐसे अनेक लोग होते हैं जो किसी न किसी प्रकार के दुःख, कठिनाई, अभाव या मानसिक परेशानी से गुजर रहे होते हैं। ऐसे समय में किसी दूसरे के कष्ट को समझना और उसके प्रति भीतर से संवेदनशील होना मानवीय जीवन की महत्वपूर्ण विशेषता है। ...